Career Counselling After 12th- 12वीं के बाद जरूरी है काउंसलिंग, आप भी रखें बच्चों के करियर पर ध्यान
Career Counseling: विद्यार्थी चुन रहे पारंपरिक विषय
विशेषज्ञ मानते हैं कि छत्तीसगढ़ में आज भी कॅरियर काउंसलिंग का तंत्र मजबूत नहीं है और इसका असर राज्य के युवाओं के भविष्य पर साफ दिखता है। राजधानी होने के बावजूद कॉलेज स्तर पर एआई, डेटा साइंस, एनवायरनमेंट स्टडीज, डिजाइन, एग्रीटेक जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी देने वाली कोई सशक्त व्यवस्था नहीं है। नतीजतन छात्र बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे पारंपरिक कोर्स चुन लेते हैं, जबकि आज की इंडस्ट्री टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और क्रिएटिव थिंकिंग को प्राथमिकता दे रही है।

बिजनेस और स्टार्टअप
बीबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स, डिजिटल बिजनेस, फिनटेक बीबीए इन इंटरनेशनल बिजनेस विथ ग्लोबल इमर्शन बैचलर इन स्टार्टअप मैनेजमेंट या एंटरप्रेन्योरशिप बीकॉम इन ई-कॉमर्स, ब्लॉकचेन इन फाइनेंस
बायोटेक, हेल्थ और पर्यावरण
बीएससी इन जेनेटिक्स, जिनोमिक्स या बायोटेक्नोलॉजी
बीएससी इन एनवायरनमेंटल साइंस विथ सस्टेनेबिलिटी स्टडीज बीएससी इन फूड टेक्नोलॉजी या न्यूट्रिशन साइंस बीएससी इन स्पोर्ट्स साइंस या किनेसियोलॉजी
डिजिटल मीडिया और कम्युनिकेशन
बीए इन डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट
बीए इन मल्टीमीडिया एंड मास कम्युनिकेशन (कंटेंट क्रिएशन, यूट्यूब/पॉडकास्टिंग) बीए इन फिल्म, टेलीविजन और वेब मीडिया प्रोडक्शन बैचलर इन एनिमेशन, वीएफएक्स एंड गेमिंग
मानसिक, सामाजिक और व्यवहारिक विज्ञान
बीएससी इन साइकोलॉजी विद न्यूरोसाइंस या बिहेवियरल साइंस
बैचलर इन लिबरल आर्ट्स (एआई एथिक्स, फ्यूचर सोसाइटीज) बीए इन सोशियोलॉजी विथ डेटा एनालिटिक्स
टेक और इनोवेशन
बीएससी इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस बीटेक इन रोबोटिक्स, आईओटी, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी
बीएससी इन साइबर सेक्योरिटी या एथिकल हैकिंग बीसीए इन क्लाउड कम्प्यूटिंग, बिग डेटा एनालिटिक्स बीटेक इन ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी
ग्लोबल कोर्स
बैचलर इन इंटरनेशनल रिलेशन्स विथ साइबर डिप्लोमेसी बीए इन ग्लोबल स्टडीज़ या पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन
पारंपरिक सोच से बाहर लाती है काउंसलिंग
काउंसलिंग न केवल छात्र के व्यक्तित्व और अभिक्षमता को समझने का जरिया है, बल्कि यह उन्हें पारंपरिक सोच से बाहर लाने का माध्यम भी है। आज की इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजिकल लिटरेसी जैसी तकनीकी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में क्रिएटिव थिंकिंग और सॉफ्ट स्किल्स भी जरूरी हैं। लेकिन बच्चों को इन क्षेत्रों की जानकारी ही नहीं मिल पाती, जिससे वे सीमित विकल्पों तक सिमट जाते हैं।-वर्षा वरवंडकर, कॅरियर काउंसलर

जानकारी का अभाव
कहते हैं, छत्तीसगढ़ आज भी पिछड़े राज्यों की श्रेणी में आता है। देश के परिप्रेक्ष्य में इसे माओवादी से ग्रस्त राज्य का तमगा प्राप्त है, जिससे आज भी बड़ी संख्या में सक्षम छात्र-छात्राएं 12वीं के के पलायन करते हैं। आवश्यकता से अधिक सरकारी महाविद्यालय होने के कारण प्राध्यापक अपडेट नहीं होते हैं, अत: जानकारी के अभाव में छात्र पारम्परिक विषयों का चयन कर लेते हैं।-देवाशीष मुखर्जी, शिक्षाविद्