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25 प्रतिशत को ही मिलती है सेना में नौकरी
केंद्र सरकार की ओर से 2022 में इस योजना के शुरू किए जाने के बाद हर साल लगभग 46,000 युवाओं को सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती किया गया है। वे चार साल तक सेवा करते हैं, जिसके बाद केवल 25% को ही रखा जाता है। अन्य को नागरिक जीवन में लौटना पड़ता है। पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान 10 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। वहीं कई मंत्रालयों ने प्रशिक्षण, भर्ती अभियान या कौशल विकास कार्यक्रम की पेशकश की है, लेकिन इन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़ने के लिए कोई भी विभाग जिम्मेदार नहीं है। इस बदलाव से राज्य विभाग अब राज्य सरकारों, निजी कंपनियों और अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूर्व अग्निवीरों को अकेले न छोड़ा जाए।
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विभागों में भर्ती की तैयारी
गृह मंत्रालय के अलावा कई अन्य केंद्र सरकार के विभाग भी पूर्व अग्निवीरों को भर्ती करने की योजना बना रहे हैं। इससे इन जवानों को देश की सेवा के बाद एक अच्छा करियर विकल्प मिल सकेगा।
क्या है अग्निवीर योजना?
मोदी सरकार ने जून 2022 में भारतीय सेना में सैन्य भर्ती के लिए एक योजना लाई थी। इसके अंतर्गत युवाओं को 4 सालों के लिए अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर रखा जाता है। इस वर्ष 2025 को इस योजना का लागू हुए 3 साल हो गए। ऐसे में केंद्र सरकार अग्निवीरों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटी हुई है।