जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान का औद्योगिक विकास पिछले दो दशक में तेजी से बढ़ा है। नए उद्योग स्टार्टअप और आइटी हब विकसित हो रहे हैं। ऐसे में हर साल स्किल वर्क फोर्स की परिभाषा बदल रही है। दूसरी ओर हमारे संस्थान पुराने तरीके से ही स्किल फोर्स तैयार कर रहे हैं। उद्योगों को एआइ-ऑटोमेशन की वर्क फोर्स चाहिए, लेकिन फिटर-वेल्डर तैयार हो रहे हैं। औद्योगिक संगठनों की माने तो चार बड़े सेक्टर में हर साल 25 हजार से ज्यादा स्किल कर्मचारियों की जरूरत होती है।