बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (30 प्रश्न)
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (10 प्रश्न)
- विकास की अवधारण (Concept of Development) एवं अधिगम से उसका संबंध
- बाल विकास के सिद्वांत एवं अवस्थाएँ (6-11 वर्ष)
- आनुवांशिकता एवं पर्यावरण का प्रभाव
- सामाजिकरण की प्रक्रिया
- पियाजे एवं वाइगास्की का निर्माणवाद एवं समीक्षात्मक परिप्रेक्ष्य
- बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा
- बहुआयामी बुद्धि (Multidimensional Intelligence)
- सृजनात्मकता
- भाषा एवं विचार ;स्ंदहनंहम ंदक ज्ीवनहीजद्ध
- वैयक्तिक विभिन्नता
- सत्त व्यापक मूल्यांकन
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का शिक्षणः- 10 प्रश्न
- दिव्यांगता का प्रकार, समावेशी रणनीतियां, वर्ग कक्ष प्रबंधन एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का आकलन (Assessment) एवं मूल्यांकन (Evluation)
- प्रतिभाशाली बच्चे
अधिगम एवं शिक्षा शास्त्रः- 10 प्रश्न
- बच्चे कैसे सोचते और सीखते है?
- बच्चे विद्यालयी उपलब्धी में क्यों और कैसे असफल होते है?
- शिक्षण-अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ
- सीखना एक सामाजिक गतिविधि है कैसे?
- बच्चा समस्या समाधान कर्त्ता एवं वैज्ञानिक अन्वेषक है।
- वैकल्पिक अधिगम की अवधारणा।
- संज्ञान और संवेग (Cognition and Emotion)
- अभिप्रेरण और सीखना (Motivation and Learning)
भाषा 1 30 प्रश्न
विषय-वस्तु 15 प्रश्न
- भाषायी समझ एवं निष्कर्ष-अपठित उद्धरण ;न्देममद च्ंेेंहमद्ध.गद्यांश, पद्यांश,यात्रा-वृतांत, एकांकी पर आधारित प्रश्नों की समझ (गद्यांश-साहित्यिक, वैज्ञानिक,विवरणात्मक या अप्रासंगिक पहलू से हो सकते हैं।)
- व्याकरण-शब्दार्थ, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, लिंग, वचन, कारक, काल, विलोम पर्यावाची, मुहावरे, लोकोक्ति, शब्द-युग्म इत्यादि व्यवहारिक व्याकरण।
शिक्षा शास्त्री आयाम (15 प्रश्न)
- भाषा शिक्षण के सिद्वांत एवं विधियाँ
- भाषा कौशल
- भाषा की समझ और सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना, भाषा कौशलों की समझ एवं मूल्यांकन
- सम्प्रेषण कौशल का विकास
- व्यवहारिक व्याकरण की समझ
- भाषा शिक्षण में उत्पन्न कठिनाईयों/विसंगतियों का निराकरण
- शिक्षण-उपादान
- उपचारात्मक शिक्षण ;त्मउमकपंस ज्मंबीपदहद्ध
भाषा 2 30 प्रश्न
(क) भाषा की समझ 15 प्रश्न
अपठित गद्यांश (Prose) के उद्धरण (Unless Passage) पर आधरित प्रश्नों की समक्ष। अपठित गद्यांश (Prose),अप्रासंगिक, साहित्यक, विवरणात्मक या वैज्ञानिक (Discursive, Literary, Narrative or Scientific) हो सकते हैं। व्यवहारिक व्याकरण यथा शब्दार्थ, संज्ञा (Noun),सर्वनाम (Pronoun), विशेषण (Adjective), लिंग (Gender), वचन (Number), कारक (case), काल (Tense), विलोेम (Opposite), पर्यायवाची, मुहावरे (Phrase) और शब्द-युग्म आदि की समझ एवं शाब्दिक योग्यता (Verbal Ability)
(ख) शिक्षा शास्त्रीय आयाम 15 प्रश्न
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत एवं विधियाँ
- भाषा कौशल (Language Skill)
- भाषा की समझ और सुनना, बोलना, पढना, लिखना, भाषा कौशलों की समझ एवं मूल्यांकन
- सम्प्रेषण कौशल का विकास
- भाषा-अधिगम में व्याकरण की भूमिका-सम्प्रेेषण, शाब्दिक योग्यता एवं लेखन कौशल के संदर्भ में
- विविभन्न परिस्थितियों में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ
- व्यवहारिक व्याकरण की समझ
- भाषा शिक्षण में उत्पन्न कठिनाईयों/विसंगतियों का निराकरण
- शिक्षण अधिगम सामगी-पुस्तक, मल्टी मिडिया समाग्री, द्विभाषीय सामग्री
- उपचाररात्मक शिक्षण
गणित 30 प्रश्न
विषय-वस्तु 15 प्रश्न
- ज्यामिति-आकृतियाँ एवं उनकी स्थानिक समझ
- संख्याएँ-संख्याएँ एवं संक्रियाएँ
- मुद्रा-मुद्रा से संबिंधित समस्याओं का हल
- माप-लम्बाई (Length), मात्रा (Mass) भार (Weight), आयतन (Volume) ,समय (Time)
- आंकड़ो का खेल
- मानसिक गणित (Mental Math)
- ढाँचा (Pattern)
विषय-वस्तु 15 प्रश्न
- गणित की प्रकृति एवं स्वरूप
- गणित शिक्षण का महत्व
- गणित शिक्षण की विधियाँ
- गणित की भाषा
- पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
- गणित शिक्षण की समस्याएँ
- निदानात्मक एवं उपचारत्मक शिक्षण तथा मूल्यांकन
- त्रुटियों का विश्लेषण
- शिक्षण-अधिगम से संबंधित आयाम
पर्यावरण अध्ययन 30 प्रश्न
विषय-वस्तु 15 प्रश्न
- परिवार और मित्र (Family and Friends)-रिश्ते-नाते, जन्तु, पौधे, कार्य और खेल।
- भोजन (Food)-पौधे और जन्तुओ से प्राप्त भोजन, पशु आहार, भोजन पकाना, परिवार में भोजन करना, जन्तुओं के आहार।
- आवास (Shelter)-आवास और उसके प्रकार, आस-पड़ोस और इसका मानचित्रण, गृह-सज्जा और सफाई, अपना परिवार और घरेलू जीव-जन्तु
- जल (Water)-जल के श्रोत, परिवार के लिए जल, जल भंडारण, हमारा जीवन और जल, जल का अभाव, जल का बहाव, पौधे एवं जंतु के लिए जल की आवश्यकता
- यात्रा-गंतव्य स्थान (स्थान, जल, अंतरिक्ष), यात्रा के साधन, सांकेतिक-सम्प्रेषण, पत्र-सम्पेषण
- वस्तुओं का स्वनिर्माण और व्यवहार-मिट्टी से बनने वाली वस्तुएँ।
- वस्त्र
शिक्षा शास्त्रीय मुद्दे- 15 प्रश्न
- पर्यावरण अध्ययन का स्वरूप
- पर्यावरण अध्ययन का महत्व
- पर्यावरण के बारे में शिक्षा
- पर्यावरण के माध्यम से शिक्षा
- पर्यावरण के समवर्द्धन-संरक्षण के लिए शिक्षा
- पर्यावरण से विज्ञान और समाज विज्ञान का संबंध
- सीखने के तरीके
- गतिविधियाँ/व्यवहारिक कार्य
- सत्त व्यापक मूल्यांकन
- शिक्षण-उपादान
- समस्याएँ
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