क्या है इस डिप्लोमा कोर्स का उद्देश्य (IIT Diploma Courses)
MOSart Labs के साथ मिलकर IIT भुवनेश्वर ने डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत की है। इस डिप्लोमा कोर्स का उद्देश्य है इंजीनियरिंग पास आउट को प्रशिक्षित करना और उन्हें सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, एनालॉग डिजाइन, डिजिटल डिजाइन, डिजाइन सत्यापन, भौतिक डिजाइन, लेआउट डिजाइन, सत्यापन, परीक्षण से जुड़े उद्योग के लिए तैयार करना।

आईआईटी भुवनेश्वर (IIT Bhubaneswar) के निदेशक श्रीपद कर्मालकर ने कहा, “आईआईटी भुवनेश्वर रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से उच्च प्रभाव वाली शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है जो अकादमिक उत्कृष्टता को उद्योग विशेषज्ञता के साथ जोड़ती है।” उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी और चिप डिजाइन में ये प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कोर्स की मदद से छात्रों को बाजार के हिसाब से कौशल के साथ तैयार किया जा सकता है। इससे वे सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने में अपनी भूमिका निभा पाएंगे।
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किन छात्रों के लिए है ये डिप्लोमा कार्यक्रम?
यह पाठ्यक्रम उन छात्रों के लिए है, जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर विज्ञान में अपनी इंजीनियरिंग पूरी की है। कोर्स के लिए इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री वाले कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं। इंजीनियरिंग फाइनल ईयर वाले छात्र भी अप्लाई कर सकते हैं और साथ ही जॉब करने वाले कैंडिडेट्स भी।
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इस तरह डिजाइन किया गया है डिप्लोमा कोर्सेज
डिप्लोमा कोर्सेज को तीन चरण में डिजाइन किया गया है। इस कोर्स की शुरुआत लॉन्चपैड मॉड्यूल से होती है, जो छात्रों को वीएलएसआई कक्षाओं के साथ-साथ आईसी जीवनचक्र और वीएलएसआई उद्योग परिदृश्य की गहन समझ प्रदान करता है। अगले चरण में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा से गुजरना होगा। तीसरा चरण विशेषज्ञता मॉड्यूल है, जो एक सेमेस्टर-लंबा कार्यक्रम है। इसमें छात्र विशेषज्ञता के अपने चुने हुए क्षेत्र में तीन पाठ्यक्रम और एक लघु परियोजना शुरू करेंगे।
पहले भी लॉन्च किया है इस तरह का कोर्स (IIT Bhubaneswar Special Courses)
आईआईटी भुवनेश्वर भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है। यहां विभिन्न क्षेत्रों में अकादमिक रिसर्च को बढ़ावा दिया जाता है। वर्ष 2023 में इस संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत सरकार के साथ एमओयू साइन किया था, जिसके तहत कॉलेज का उद्देश्य था प्रौद्योगिकी के साथ चिकित्सा विज्ञान को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करना।