डॉ. बतरा ने बताया कि जुड़वां पुत्री रिद्धि एवं सिद्धि ने दूसरे प्रयास में कामयाबी हासिल की है। पहले साल उन्होंने सीकर में तैयारी की। इस बार हनुमानगढ़ में ही कोचिंग की। पुत्र शुभ बतरा ने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 188वीं रैंक हासिल की है।
तीनों बहन-भाई ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, शिक्षकों एवं माता-पिता विनीता बतरा व डॉ. निशांत बतरा तथा दादा केवलकृष्ण बतरा के मार्गदर्शन को दिया है। डॉ. बतरा ने बताया कि बच्चों की सफलता का पहला हकदार मां ही होती है। मुझे लगता है कि बच्चों की सफलता की बधाई मां को ही दी जानी चाहिए।
ग्रोमिल ने किया गौरवान्वित
फेफाना. यहां के ग्रोमिल गर्ग पुत्र प्रभात कुमार ने नीट में प्रथम प्रयास में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए 556 अंक प्राप्त कर 9677वीं रैंक हासिल कर गांव एवं परिवार का नाम रोशन किया है। छात्र की इस उपलब्धि पर परिवार जनों एवं ग्रामीणों ने उसे बधाई दी।