महेश कुमार बने देश के नंबर-1 टॉपर (Mahesh Kumar Neet Topper)
महेश कुमार ने 99.9999547 परसेंटाइल स्कोर करते हुए पूरे भारत में पहला स्थान हासिल किया है। मूल रूप से हनुमानगढ़ के निवासी महेश सीकर में रहकर NEET की तैयारी कर रहे थे। खास बात यह है कि उनके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं, और बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनका गर्व और खुशी साफ झलक रही है।
आंकड़ों में राजस्थान की मजबूती
NEET UG 2025 में कुल 2276069 छात्र रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 2209318 ने परीक्षा दी और 1236531 छात्रों ने क्वालिफाई किया। अलग-अलग कैटेगरी में देखें तो सबसे ज्यादा सफल उम्मीदवार OBC से रहे, वहीं जनरल, SC, ST और EWS वर्ग के भी अच्छे परिणाम सामने आए। लेकिन राजस्थान का प्रदर्शन पूरे देश में विशेष रूप से संतुलित और प्रभावशाली रहा है।
टॉप-100 में शामिल राजस्थान के होनहार
राजस्थान से जो 14 छात्र टॉप-100 में शामिल हुए हैं, वे राज्य के विभिन्न जिलों से आते हैं और इनका बैकग्राउंड भी विविधतापूर्ण है। इनमें जनरल, OBC-NCL सहित कई वर्गों के छात्र शामिल हैं जिससे यह साबित होता है कि राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत हो रही है।
| रैंक | नाम | कैटेगरी | परसेंटाइल |
|---|---|---|---|
| 1 | महेश कुमार | जनरल | 99.9999547 |
| 13 | तनय | OBC-NCL | 99.9993663 |
| 14 | सौम्या शर्मा | जनरल | 99.9993663 |
| 15 | मानवेंद्र सिंह राजपुरोहित | जनरल | 99.9991853 |
| 24 | दौलत सिंह गुर्जर | OBC-NCL | 99.9987779 |
| 25 | अभिजीत कुल्हरी | OBC-NCL | 99.9987779 |
| 29 | तनिषा | जनरल | 99.9986421 |
| 30 | हर्ष तिलोतिया | जनरल | 99.9986421 |
| 32 | रॉबिन | जनरल | 99.9985063 |
| 34 | अंकित सैनी | OBC-NCL | 99.9983705 |
| 43 | मनु शर्मा | जनरल | 99.9980537 |
| 66 | देव्यांश अरोड़ा | जनरल | 99.9968316 |
| 86 | हिमांशु | OBC-NCL | 99.9960621 |
| 91 | आदित्य यादव | OBC-NCL | 99.9958811 |
सफलता के पीछे मजबूत तैयारी और फैमिली सपोर्ट
महेश कुमार और अन्य टॉपर्स की सफलता के पीछे मेहनत, सही गाइडेंस और परिवार का सहयोग बड़ा कारण रहा है। महेश के माता-पिता खुद शिक्षक हैं और उन्होंने बेटे को शिक्षा के प्रति शुरू से प्रेरित किया।
NEET UG 2025 के रिजल्ट ने राजस्थान को मेडिकल क्षेत्र में एक बार फिर से अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल कर दिया है। टॉप-100 में 14 छात्रों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि राज्य की शिक्षा प्रणाली और स्टूडेंट्स दोनों ही सही दिशा में काम कर रहे हैं। महेश कुमार जैसे उदाहरण देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।