स्कूल में जल स्त्रोत क्षतिग्रस्त, जर्जर अथवा खुले नहीं हो। कुएं, टैंक आदि के पास जाने से विद्यार्थियों को प्रतिबंधित किया गया हो। स्कूल परिसर से वर्षा जल निकासी की व्यवस्था की हुई है।
संस्था प्रधान का दायित्व है कि नियमित रूप से स्कूल भवन और कक्षा-कक्ष की छत का निरीक्षण करें। छत में सीलन हो अथवा टपकती या प्लास्टर उखड़ा हो तो उस कक्ष का उपयोग विद्यार्थियों को बैठाने के लिए नहीं करें।
स्कूल भवन में बिजली लाइन और प्वाइंट व्यविस्थत हो। तार खुले हो तो उनकी टेपिंग कराई जाए।