छापरवाल ने अपने स्कूल की लाइब्रेरी के एक कोने को ‘ऑडियो स्टोरी कॉर्नर’ में बदल दिया। बस एक मोबाइल, एक हेडफोन और कुछ पोस्टरों के साथ इस कोने ने बच्चों की दुनिया बदल दी। अब वही बच्चे, जिन्हें किताब के पन्ने डराते थे, कहानियाँ सुनने के लिए लाइब्रेरी की तरफ दौड़ पड़ते हैं। कहानी सुनते-सुनते न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है बल्कि उनकी कल्पनाएँ भी पंख लगा रही हैं।