एक क्लिक में पूरा रिकॉर्ड! जुलाई से फिर शुरू होगा अपारआईडी अभियान,18 जिलों की सुस्ती चिंता का कारण | Complete record in one click! “ApaarID” campaign will start again from July, sluggishness of 18 districts is a cause of concern

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क्या है “अपारआईडी” योजना?

भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर विद्यार्थी को एक 12 अंकों की यूनिक आईडी दी जा रही है। यह आईडी केवल पहचान पत्र नहीं, बल्कि विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड होगी -जैसे उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, पीटीएम रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति, स्थानांतरण, और बहुत कुछ।

18 जिलों में प्रगति बेहद धीमी

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, 18 जिलों की प्रगति उम्मीद से काफी पीछे है। इन जिलों में अपार आईडी निर्माण की गति धीमी रही और लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को जुलाई से काम तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि बाकी का कार्य समय पर पूरा हो सके।

अब तक कहां पहुंचा काम?

राजस्थान में 63.67% अपार आईडी जनरेट की जा चुकी हैं, यानी बड़ी संख्या में छात्रों को डिजिटल रूप से जोड़ दिया गया है। शेष कार्य जुलाई से दोबारा आरंभ होगा।

अपार आईडी से मिलेंगे ये फायदे

  • डुप्लीकेट दस्तावेज़ की टेंशन खत्म: अब अगर मार्कशीट या प्रमाण पत्र खो जाए, तो छात्र को परेशान होने की जरूरत नहीं-सब कुछ डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध होगा।
  • फर्जीवाड़ा होगा खत्म: नौकरी या छात्रवृत्ति में फर्जी दस्तावेज़ का खेल अब बंद होगा। एक क्लिक में नियोक्ता या संस्था छात्र का सत्यापित रेकॉर्ड देख सकेगी।
  • शिक्षा में पारदर्शिता: पढ़ाई से जुड़े हर पहलू की निगरानी आसान होगी। छात्र की उपस्थिति से लेकर परिणाम तक — सब कुछ रिकॉर्ड में रहेगा।

आगे क्या?

जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही राज्यभर में फिर से शुरू होगा अपार आईडी निर्माण कार्य। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 के अंत तक 100% विद्यार्थियों को डिजिटल आईडी से जोड़ दिया जाए।

फैक्ट फाइल

क्रम संख्या विवरण आंकड़े
1. संचालित स्कूलों की कुल संख्या 1,08,196
2. कुल विद्यार्थी अध्ययनरत 1,62,79,392
3. अपार आईडी जनरेट कर चुके विद्यार्थी 1,03,79,093
4. सरकारी स्कूलों में आवेदन नहीं करने वाले विद्यार्थी 17,86,568
5. निजी स्कूलों में आवेदन नहीं करने वाले विद्यार्थी 39,82,445
6. कुल ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने आवेदन नहीं किया 57,69,013

राजस्थान में अपार आईडी निर्माण प्रगति (जिलेवार)

क्रम जिला बने अपार कार्ड प्रतिशत (%)
1 राजसमंद 1,97,608 78.53
2 ब्यावर 2,07,409 76.37
3 डूंगरपुर 2,78,348 76.32
4 हनुमानगढ़ 2,61,655 74.76
5 गंगानगर 2,78,876 73.70
6 बाड़मेर 3,14,578 70.28
7 बालोतरा 1,86,951 70.12
8 नागौर 2,65,000 69.52
9 भीलवाड़ा 3,68,298 68.97
10 बूंदी 1,68,286 68.96
11 चित्तौड़गढ़ 2,07,591 67.81
12 पाली 2,26,722 67.35
13 उदयपुर 3,93,153 67.22
14 जालोर 2,81,899 67.10
15 सीकर 4,18,686 66.79
16 सिरोही 1,59,389 66.79
17 झुंझुनूं 2,73,947 65.98
18 सलूंबर 96,579 65.89
19 टोंक 1,88,870 65.09
20 डीडवाना-कुचामन 2,34,902 65.05
21 फलौदी 1,36,149 64.45
22 बीकानेर 3,84,151 64.19
23 जोधपुर 4,79,531 64.01
24 अजमेर 3,08,837 63.69
25 चूरू 3,06,545 63.60
26 कोटा 2,94,120 63.04
27 प्रतापगढ़ 1,33,986 62.58
28 जैसलमेर 1,10,283 62.53
29 झालावाड़ 1,91,142 62.24
30 सवाईमाधोपुर 1,85,549 61.51
31 डीग 1,45,440 61.23
32 बांसवाड़ा 2,85,554 61.01
33 करौली 2,00,053 60.42
34 भरतपुर 1,94,918 58.14
35 बारां 1,44,577 55.91
36 अलवर 2,77,844 55.79
37 दौसा 2,11,197 55.54
38 धौलपुर 1,79,610 55.03
39 खैरथल तिजारा 1,39,617 54.60
40 जयपुर 9,20,062 53.59
41 कोटपूतली बहरोड़ 1,41,181 53.51



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