राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए पहले वर्ष 2017 में और फिर 2018 में एक परिपत्र जारी किया, जिसके तहत इन सभी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कंप्यूटर प्रमाण पत्र लेने वालों को नौकरी से बर्खास्त करना था, लेकिन पंचायती राज विभाग ने इन आदेशों को दबा लिया और फर्जी लिपिक 10 साल तक नौकरी करते रहे।