राजकीय स्कूलों में मोबाइल से भरी जाएगी बच्चों उपस्थिति | Children’s attendance will be recorded using mobile phones in government schools

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राजकीय स्कूलों में बच्चों की हाजिरी अब एप से भरी जाएगी। शिक्षा विभाग ने राजकीय स्कूलों में बच्चों की हाजिरी ऑनलाइन कराने आदेश पारित किए हैं। इसमें शाला दर्पण पोर्टल पर सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की ऑनलाइन दैनिक हाजिरी दर्ज करने के लिए शिक्षक एप में ही स्टूडेंट्स की उपस्थिति के विकल्प को तैयार किया गया है। प्रत्येक कक्षाध्यापक खुद की स्टॉफ आईडी से लॉग-इन कर अपनी कक्षा का चयन कर सभी स्टूडेंट्स की उपस्थिति ऑनलाइन ले पाएंगे।

डाटा शाला दर्पण पोर्टल पर रहेगा दर्ज स्कूलों में बच्चों की भरने वाली हाजिरी में पारदर्शिता लाने एप के जरिए उपस्थिति दर्ज कराना प्रारंभ किया। सरकार ने इसको सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत विवेकानंद स्कूल और राजकीय महात्मा गांधी स्कूलों में प्रारंभ किया था। जहां से बेहतर परिणाम मिलने के बाद अब इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया गया है। यानी अब सभी राजकीय स्कूलों में बच्चों की हाजिरी मोबाइल के माध्यम से भरी जाएगी। शाला दर्पण पोर्टल पर सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की ऑनलाइन दैनिक हाजिरी दर्ज करने के लिए शिक्षक एप में ही स्टूडेंट्स की उपस्थिति के विकल्प को तैयार किया गया है।

प्रार्थना सभा के दौरान भरी जाएगी हाजिरी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह कदम कारगर साबित होगा। स्कूलों में बच्चों की हाजिरी प्रार्थना सभा के दौरान ही एप के माध्यम से भरी जाएगी। इसमें केवल अनुपस्थिति रहने वाले विद्यार्थियों को ही चिह्नित किया जाएगा। उपस्थिति को शिक्षक सीधे शाला दर्पण पोर्टल पर फीड किया जाएगा। जिस कारण डाटा विद्यालय लॉगिन सहित ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर के कार्यालयों के लॉगिन में उपलब्ध रहेगा। जिस कारण जरूरत के वक्त इसे कभी भी देखा भी जा सकता है।

संस्थान प्रधान के रहेंगे दायित्व – समस्त स्टॉफ तथा स्वयं के मोबाइल में एप डाउनलोड करवाना।- यह सुनिश्चत करना कि एप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज हो रही है कि नहीं। – प्रत्येक कक्षा के कक्षाध्यापक की मैपिंग शालादर्पण पोर्टल पर सुनिश्चत करना।- विद्यार्थियों की दर्ज उपस्थिति एवं पोर्टल पर प्रदर्शित उपस्थिति को प्रमाणित करना।

– एप से उपस्थिति दर्ज प्रार्थना सभा के दौरान करना जिससे मोबाइल का उपयोग कक्षा में न हो।- विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका व एप पर प्रविष्ट उपस्थिति समानता की मॉनिटरिंग करना। शिक्षा सत्र समापन की ओर है। नवीन सत्र से ही स्कूलों में बच्चों की हाजिरी मोबाइल के जरिए ही दर्ज की जाएगी।

-राजेश कुमार, डीईओ एलिमेन्ट्री



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