लंबी प्रक्रिया के बाद जारी होता है रिजल्ट (Bihar Board Result)
बिहार बोर्ड के रिजल्ट का लंब प्रोसेस है। पहले कॉपी जांची जाती है और छात्रों के जवाब और परफॉर्मेंस के आधार पर अंक निर्धारित किए जाते हैं। इन अंकों की तुलना करके टॉपर्स की लिस्ट बनाई जाती है। फिर इन टॉपर्स को इंटरव्यू देना होता है, जिसके बाद बिहार बोर्ड रिजल्ट जारी करता है।
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इस वजह से बिहार बोर्ड लेता है इंटरव्यू
बिहार में बोर्ड में चोरी और धांधली आम हैं। कुछ साल पहले बिहार बोर्ड टॉपर्स की घोषणा में बड़ी गड़बड़ी देखी गई थी। 12वीं की टॉपर रूबी रॉय ने जिसने 500 में से 444 मार्क्स हासिल किए थे मीडिया इंटरव्यू में हैरान करने वाले जवाब दिए थे। रूबी रॉय ने पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कह दिया था और बताया था कि इसमें खाना बनाने और सिखाने की बता बताई जाती है। रूबी के इस जवाब से बवाल मच गया। शिक्षा विभाग और सरकार पर सवाल उठने लगे। ऐसे और भी मामले सामने आए थे, जहां छात्र विषय का नाम तक नहीं बता पा रहे थे।
कैसा होता है टॉपर्स का इंटरव्यू (Bihar Board Toppers Interview)
बदनामी और किरकिरी से बचने के लिए BSEB ने टॉपर्स इंटरव्यू (Toppers Interview) की प्रक्रिया शुरू कर दी। बिहार बोर्ड रिजल्ट जारी करने से पहले टॉपर्स का वेरिफिकेशन करने के लिए इंटरव्यू का आयोजन करता है। टॉपर लिस्ट में जिन छात्र-छात्राओं का नाम शामिल होता है, उनसे 13-14 परीक्षक 30-40 प्रश्न पूछते हैं। सभी प्रश्न बिहार बोर्ड के सिलेबस से रहते हैं, साथ ही अंग्रेजी में अपना परिचय देना होता है। इस इंटरव्यू को अगर छात्र अच्छे से पास नहीं कर पाते हैं तो रिजल्ट बदल दिया जाता है। इस इंटरव्यू के दौरान टॉपर्स की हैंडराइटिंग भी मैच कराई जाती है।