शुरुआत में, भर्ती की प्रक्रियाएं अलग-अलग जोनों द्वारा संचालित की जाती थीं, जिससे पारदर्शिता की कमी थी। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए RRB की स्थापना की गई, जो अब देशभर में विभिन्न स्थानों पर स्थित 20 से अधिक क्षेत्रीय बोर्डों के जरिए काम करता है।