ये बताई Study Strategy
अनुश्री ने बताया की उन्होंने अपनी तैयारी को माइक्रो और मिनी प्लान में बांटा। माइक्रो प्लान में उन्होंने प्रीलिम्स के सिलेबस को 6 हिस्सों में बाँटकर पढ़ाई की जबकि मिनी प्लान में रोज़ाना कितनी किताबों का हिस्सा कवर करना है ये तय करती थीं। ये प्लानिंग ही उनका सबसे बड़ा सक्सेस मंत्र बना।

केवल ऑनलाइन मॉक टेस्ट से की तैयारी
अनुश्री ने किसी भी ऑफलाइन कोचिंग क्लास में भाग नहीं लिया। वे केवल ऑनलाइन मॉक टेस्ट के ज़रिए अपनी तैयारी को टेस्ट करती थीं। उन्होंने कहा कि लगातार टेस्ट देना और अपनी गलतियों से सीखना सबसे ज़रूरी पार्ट होता है।
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परिवार बना सबसे बड़ा Support System
अनुश्री के पिता BSNL में सब डिविजनल इंजीनियर हैं और माँ ग्रहणी। भाई IIT गुवाहटी से मैथेमेटिक्स एन्ड कंप्यूटिंग का स्टूडेंट है। अनुश्री बताती हैं कि सबसे ज़्यादा सपोर्ट माँ-पापा का रहा। वे ही उनका टाइमटेबल बनाते थे, प्रिंट आउट्स निकालते थे और हर कदम पर मोटिवेट करते थे।
ये रहा सबसे बड़ा Struggling Period
2021 में IIT बॉम्बे से ग्रेजुएशन के बाद 2022 में पहले अटेम्प्ट में 633वीं रैंक मिली। 2023 में प्रीलिम्स क्लियर नहीं हो पाया जो उनके लिए एक कठिन समय था। लेकिन अनुश्री ने हार नहीं मानी और 2024 में शानदार कमबैक करते हुए 220वीं रैंक हासिल की।
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ऐसे लेती है Study Breaks
पढ़ाई के बीच में रिफ्रेशमेंट के लिए अनुश्री मम्मी-पापा के साथ बोर्ड गेम्स खेलना और नेटफ्लिक्स देखना पसंद करती है साथ ही डेली बैडमिंटन खेल कर उन्हें रिलैक्स महसूस होता है।

कोटा की खूबसूरती का किया ज़िक्र
अनुश्री कहती हैं कि कोटा में उन्हें ऑक्सीजन पार्क और रीवर फ्रंट बहुत अच्छा लगता है साथ ही कोटा कचोरी जैसा स्वाद कहीं नहीं मिल सकता। सबको इसे एक बार ज़रूर ट्राय करना चाहिए।
युवाओं को दिया Success Mantra
अनुश्री तैयारी कर रहे युवाओं को सक्सेस मंत्र देते हुए कहती है कि “पेशिंस, डिसीप्लेन और कंटीन्यूटी, यही तीन चीज़ें सफलता की कुंजी हैं। मन न लगे तब भी पढ़ो। यही आपको सक्सेस होने में सबसे बड़ी मदद करेगा।”