‘बेटी ने दिन-रात की मेहनत, सब भगवान की कृपा’ – मां प्रेमा देवी
शक्ति दूबे की मां प्रेमा देवी ने बातचीत में बताया, हमारी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है। सुबह से रात तक पढ़ाई करती थी। हमने सिर्फ उसे पढ़ाई का माहौल दिया, बाकी उसकी मेहनत और महादेव की कृपा है जो आज ये दिन देखने को मिला।
पिछली बार चूकी थी इंटरव्यू में, इस बार ऊपर वाले ने न्याय किया: पिता देवेंद्र कुमार दूबे
शक्ति के पिता देवेंद्र कुमार दूबे पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, रिजल्ट आने के बाद देवेन्द्र भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बेटी पिछले साल इंटरव्यू तक पहुंची थी, बस कुछ नंबरों से रह गई लेकिन इस बार भगवान ने बड़ी कृपा की। हमने हमेशा बच्चों को पढ़ने की आजादी दी, बेटी ने मेहनत से हमें गौरवान्वित कर दिया।
बचपन से ही टॉपर, गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं शक्ति
परिवार के अनुसार शक्ति हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही हैं। गोल्ड मेडल के बाद उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से M.Sc. किया। हमेशा टॉपर रही हैं। बेटी की मेहनत और हमारे आशीर्वाद का मिला फल मिला है। देवेंद्र कुमार दूबे ने कहा,हम पुलिस विभाग में थे, ड्यूटी पर रहते थे लेकिन घर पर पत्नी ने पूरा साथ दिया। जब भी ज़रूरत होती, हम संसाधन जुटा देते थे। पर असली मेहनत तो बेटी की थी।
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प्रेरणादायक है शक्ति की कहानी
यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस सपने की है जो मेहनत और समर्पण से साकार होता है। शक्ति दुबे की सफलता उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपने हौसलों से ऊंचाइयों को छूना चाहती हैं। यह दिखाता है कि लगन, आशीर्वाद और परिश्रम से हर मंज़िल पाई जा सकती है।