स्किल-बेस्ड एजुकेशन आज की सबसे बड़ी जरूरत | इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स ने तीन दिवसीय दिल्ली क्रिएटर्स समिट का आयोजन किया।

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स ने तीन दिवसीय दिल्ली क्रिएटर्स समिट का आयोजन किया।

नई दिल्ली. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स (IICS) ने तीन दिवसीय दिल्ली क्रिएटर्स समिट का आयोजन किया। इस समिट में युवाओं की मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग में अपार क्षमता को सेलिब्रेट किया गया और इस बात पर ज़ोर दिया गया कि ग्लोबल स्टैंडर्ड्स और इंडस्ट्री-रेलेवेंस के साथ स्किल-बेस्ड एजुकेशन आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। ऑस्कर और बाफ्टा अवॉर्ड से सम्मानित पद्मश्री रेसुल पोकुट्टी ने समिट में अपने दिल से बात रखी। उन्होंने कहा, जब जुनून पेशा बन जाए, तो उत्कृष्टता तय है, और युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद को समझें, अपने सच्चे टैलेंट को पहचानें और पूरे समर्पण के साथ उसे आगे बढ़ाएं। पोकुट्टी, जिन्होंने फिल्म 2.0 जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया है और इंटरनेशनल स्तर पर कई कोलैबोरेशन्स किए हैं, आज भी साउंड प्रोफेशनल्स को मेंटर कर रहे हैं और सिनेमा के भविष्य को गढ़ने वाले वैश्विक मंचों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे के अंदर कोई न कोई खास स्किल होती है, लेकिन कई बार उसे पहचानने या निखारने का मौका नहीं मिल पाता। सामाजिक और पारिवारिक दबाव के चलते अक्सर करियर के फैसले लिए जाते हैं, जबकि असली तरक्की तब होती है जब किसी को उसी चीज़ की ट्रेनिंग मिले, जो वह दिल से करना चाहता है। उन्होंने सरकार की 2012 से शुरू हुई स्किल डेवलपमेंट पहलों की सराहना की और कहा कि IICS जैसे प्लेटफॉर्म्स युवाओं को जागरूक और सक्षम प्रोफेशनल बनाने में बेहद ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के सीईओ और NSDC इंटरनेशनल के एमडी वेद मणि तिवारी ने भी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स, स्किल इंडिया मिशन का एक मज़बूत स्तंभ है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान हर छात्र की क्षमताओं को पहचानकर उन्हें बेहतर बनाने, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सपर्ट मेंटरशिप और वैश्विक मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशंस प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल (MESC) के सीईओ डॉ. मोहित सोनी ने कहा कि यह संस्थान भारत के क्रिएटिव युवाओं के लिए एक ग्लोबल लॉन्चपैड की तरह काम करेगा। उन्होंने बताया कि छात्रों को परफॉर्मेंस, साउंड और म्यूज़िक, मीडिया मैनेजमेंट, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, कम्युनिकेशन और एक्सपीरिएंशियल इवेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनकी क्रिएटिविटी को कमर्शियल वायबिलिटी और इंटरनेशनल एम्प्लॉयबिलिटी से जोड़ा जा सकेगा।

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