विभाग के कुछ अफसरों की मानें तो वर्तमान में प्रदेश के प्रत्येक स्कूल को समग्र रखरखाव के लिए सालाना 10,000 से 15,000 रुपये आवंटित होते हैं। जबकि यह राशि आमतौर पर बिलों के भुगतान, नियमित रखरखाव और सफाई, स्टेशनरी की खरीद, और अन्य छोटे-मोटे खर्चों पर खर्च की जाती है। ऐसे में शेष राशि से ही जैसे तैसे भवन का रखरखाव होता है।