रियायत काल में बने जिस किले में विद्यालय चल रहा था। यह किला कई दशकों से मरम्मत व नवीनीकरण नहीं होने के चलते खण्डर में तब्दील हो रहा था। किले की दीवारों से चूना झड़ कर गिर रहा था। ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। पानी की किल्लत के चलते विद्यालय में बच्चें खारा व फ्लोराइड पानी पीने को मजबूर थे।
लगातार दो वर्ष चला मरम्मत व नवीनीकरण का काम
प्रधानाचार्य धनमत खान ने खुद की देखरेख में विद्यालय परिसर किले की मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य शुरु करवाया। लगभग दो वर्ष तक लगातार किले की मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य चला। विद्यालय के नवीनीकरण के दौरान 60 से अधिक दरवाजे व 40 से अधिक जंगले लगाए गए।

मरम्मत व कलर पेटिंग के बाद किले को मिला हैरिटेज लुक मिल गया। किले के मरम्मत व कलर पेंटिंग के बाद किले को देखने कई बार विदेशी पर्यटक भी पहुंचे और किले को निहार कर प्रशंसा की। विद्यालय में लगभग 150 से अधिक बच्चों का नामांकन बढ़ा। पूर्व में विद्यालय का नामांकन लगभग 350-375 था जो अब लगभग 550 से अधिक पहुंच चुका है।
विद्यालय में हो चुकी फ़िल्म की शूटिंग
एक एनजीओ संस्था की ओर से विद्यालय में पीने के पानी की शुद्धता को लेकर एक मोटिवेशनल फ़िल्म की शूटिंग भी हो चुकी है। फ़िल्म में मुख्य हॉलीवुड के अभिनेता जेरेमी रेनर व वॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर ने मुख्य किरदार निभाया था। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं भी फ़िल्म का हिस्सा बने थे।
परिणाम शत-प्रतिशत रहा
प्रधानाचार्य के नेतृत्व में विद्यालय में कई वर्षों से कक्षा 8 से 12वीं तक का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। पहले फ्लोराहड युक्त खारा पानी पीते थे। अब टैंकरों से मीठे पानी की सप्लाई होती है। विद्यालय में नई टंकियों का निर्माण करवाया और उनमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से मीठा पानी भरवाते है। विद्यालय परिसर किले में लाइट फिटिंग करवाकर 100 सीलिंग पंखे लगवा दिए। विद्यालय के अनुशासन की कस्बे में चर्चा है।
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