Bikaner: भार ‘अपार’, 17 दिन बचे हैं… अब भी 80 फीसदी काम बाकी, जानें आइडी योजना का सच

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राजस्थान में विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी को डिजिटली एक जगह दर्ज करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू की गई अपार (ऑथोराइज्ड परमानेंट एकेडमिक रिकॉर्ड) आइडी योजना शिक्षकों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। अधिकांश जिलों में अभी तक इस कार्य में बेहद धीमी प्रगति हुई है। इस आइडी के जरिए छात्र किसी भी राज्य में आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करते वक्त अपनी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक क्लिक में दिखा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को 31 जुलाई तक सभी विद्यार्थियों की अपार आइडी तैयार करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस दिशा में काम बेहद धीमा चल रहा है।

ऑथोराइज्ड परमानेंट एकेडमिक रिकॉर्ड आइडी योजना, फोटो एआइ

सिर्फ चार जिलों में 20 फीसदी से ज्यादा किया काम

प्रदेश के 41 जिलों में से सिर्फ चार जिलों ने 20 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा किया है। इनमें झुंझुनूं ने 31.66 फीसदी, बूंदी ने 24.22 फीसदी, पाली ने 23.12 और कोटा ने 21.9 फीसदी काम पूरा किया है। शेष जिलों में काम कछुआ चाल से हो रहा है।

अपार आइडी योजना, फोटो पत्रिका

यहां बेहद कमजोर

कुछ जिले तो बेहद पीछे चल रहे हैं। ऐसा तब, जब अपार आइडी अपलोड करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की हुई है। सबसे कम सलूंबर में 8.58, प्रतापगढ़ में 9.75, डीग में 10.7, उदयपुर में 11.06 ब्यावर में 11.38 फीसदी विद्यार्थियों की ही अपार आइडी अपलोड की जा चुकी है। प्रदेश के आंकड़ों पर गौर करें, तो मात्र 16.32 फीसदी विद्यार्थियों की अपार आइडी ही अपलोड हो सकी है।

अंतिम तिथि नजदीक, क्या पूरा होगा काम

शिक्षा विभाग ने आइडी अपलोड करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की है। वहीं अब तक सिर्फ 4 जिलों में ही 20 फीसदी से ज्यादा आइडी अपलोड हो सकी हैं। ऐसे में शेष 17 दिनों में सभी विद्यार्थियों की आइडी अपलोड हो जाएगी फिलहाल इसकी संभावना बेहद कम है। शिक्षा विभाग भी योजना को लेकर कोई खास रूचि नहीं दिखा रहा है।



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