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700 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम एजुकेशन सिटी बिलासपुर में छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी। खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ (Astroturf) खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो। सीएम साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपए होगी और इसके निर्माण की कार्ययोजना नगर निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी (Educational City) प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।
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शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल (SECL) का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी (IIT) जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।
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ऐतिहासिक पहल : सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा। नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।