टाई ब्रेकिंग सिस्टम से तय होगा रिजल्ट
दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के एक अधिकारी ने बताया है कि यह देखा गया है कि प्रवेश परीक्षा के दौरान छात्रों के अंक समान हो जाते हैं। एक विषय में दाखिला के लिए कई बार छात्रों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में टाई ब्रेकिंग सिस्टम के जरिए दाखिला की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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टाई ब्रेकिंग सिस्टम से तय होगा रिजल्ट
दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के एक अधिकारी ने बताया है कि यह देखा गया है कि प्रवेश परीक्षा के दौरान छात्रों के अंक समान हो जाते हैं। एक विषय में दाखिला के लिए कई बार छात्रों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में टाई ब्रेकिंग सिस्टम के जरिए दाखिला की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
क्या है टाई ब्रेकिंग नियम? (Tie Breaking System Kya Hai)
टाई ब्रेकर नियम का इस्तेमाल तब किया जाता है जब दो या दो से अधिक छात्रों को एक समान अंक आए और सीट सीमित हो। इस नियम के तहत दो छात्रों को एक समान अंक आने पर किसी एक क्राइटेरिया के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है। सीयूईटी के रिजल्ट के मामले में ये क्राइटेरिया 12वीं का अंक है। यदि 12वीं का अंक भी समान होगा तो उम्र के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। जिस कैंडिडेट की उम्र अधिक होगी, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।