भारत पाकिस्तान तनाव को हटाया गया
वहीं इस नए बदलाव के बाद समाजशास्त्र पाठ्यक्रम में कार्लमार्क्स और थॉमस रॉबर्ट माल्थस जैसे सिद्धांतकारों को जनसंख्या एवं समाज पेपर से हटा दिया गया है। हालांकि, बैठक में कई निर्वाचित सदस्यों की ओर से तीखी असहमति जताई गई। सिलेबस में कश्मीर, फलस्तीन, भारत-पाकिस्तान तनाव और पूर्वोत्तर से जुड़े केस स्टडीज को भी हटाने की बात कही गई है। वहीं इनकी जगह महाभारत और भगवद गीता जैसे भारतीय धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया है।
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सदस्यों ने जताया विरोध
वहीं अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में वाजपेयी की कविता जोड़े जाने का कुछ शिक्षकों ने और परिषद के सदस्यों ने विरोध किया। परिषद के सदस्यों का कहना है कि वाजपेयी की कविता में वो साहित्यिक बोध नहीं है जो निराला और मुक्तिबोध जैसे कवि की कविताओं में है। बैठक में समाजशास्त्र और मनोविज्ञान विभाग के पाठ्यक्रमों में बदलाव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा पत्रकारिता और परमाणु चिकित्सा जैसे नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं।