रेवाड़ी से हुई 8-10वीं तक की पढ़ाई
सिद्धार्थ हरियाणा के रेवाड़ी जिले के माजरा भालखी गांव के रहने वाले थे। उनके पिता भी एयरफोर्स में थे। एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद सिद्धार्थ के पिता ने गांव में रहना शुरू कर दिया था। यही कारण था कि सिद्धार्थ की 8वीं से 10वीं तक पढ़ाई रेवाड़ी से हुई। सिद्धार्थ का दाखिला यहां के कैंब्रिज स्कूल में करा गया।
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10वीं में आए थे 9.8 CGPA
मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ बचपन से पढ़ने में अच्छे थे। हालांकि, वे स्वभाव के शर्मीले थे। मीडिया को दिए इंटरव्यू में सिद्धार्थ के स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि सिद्धार्थ पढ़ाई में शुरू से ही होनहार था। उन्होंने 9.8 CGPA से 10वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी।
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ज्वॉइनिंग के दो सालों के भीतर मिल गई प्रमोशन
शहीद हुए फाइटर पायलट (Fighter Pilot) सिद्धार्थ ने 2016 में NDA परीक्षा पास की थी। एनडीए परीक्षा पास करने के बाद तीन साल का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने फाइटर पायलट वायुसेना ज्वॉइन की थी। अपनी काबिलियत के दम पर उन्होंने दो सालों के अंदर प्रमोशन हासिल कर लिया और वे फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए थे। सिद्धार्थ घर के बड़े बेटे थे। उनकी एक छोटी बहन है।
कई पीढ़ी से सेना में सेवा दे रहे हैं परिवार के लोग
मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ के परदादा बंगाल इंजीनियर्स में कार्यरत थे, जो ब्रिटिशर्स के अंडर आता था। सिद्धार्थ के दादा पैरामिलिट्री फोर्स में थे। इसके बाद इनके पिता भी एयरफोर्स में रहे। वहीं पिता के बाद सिद्धार्थ ने भी एयर फोर्स ज्वॉइन कर लिया।