यह स्थिति साल दर साल बढ़ रही है। इसका कारण विशेषज्ञों के अनुसार हनुमानगढ़ में कोचिंग सेंटर होना तथा सीकर निकट होना है, क्योंकि महंगे और दूरस्थ कोटा जाकर तैयारी करना हर किसी के बूते की बात नहीं है। इन कारणों के चलते हनुमानगढ़ के होनहार परीक्षा में छाए हुए हैं।
इसी कड़ी में टाउन निवासी पलाशा सिंह ने पहले ही प्रयास में नीट में सफलता का परचम फहराया है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सहारण की पुत्री पलाशा चिकित्सक बनकर पिता और परिवार की परम्परा को आगे बढ़ाना चाहती है। पलाशा के चाचा डॉ. संदीप सहारण तथा चाची भी चिकित्सक हैं। पलाशा ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, नियमित अध्ययन, सकारात्मक दृष्टिकोण और परिजनों के मार्गदर्शन को दिया है।
पलाशा अपने दादा चौधरी देवेन्द्र सहारण व दादी शकुंतला सहारण तथा दिवंगत नाना चौधरी महावीर झींझा को अपनी सफलता समर्पित करती है। पलाशा ने 720 में से 603 अंक लेकर ऑल इंडिया 1195 रैंक हासिल की है। उसने सीकर में रहकर तैयारी की। वहीं पर कक्षा दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा की पढ़ाई की। पलाशा ने इस साल ही बारहवीं कक्षा 96.08 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है।
तनिष्क ने बढ़ाया मान
जंक्शन निवासी देशराज गोयल के पौत्र तनिष्क गोयल पुत्र अश्विनी गोयल व योगिता गोयल ने नीट में 1407 रैंक प्राप्त की है। प्रथम प्रयास में इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले तनिष्क ने 720 में से 601 अंक प्राप्त किए हैं। बता दें कि तनिष्क ने नीट की तैयारी कोटा में रहकर की। तनिष्क चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव गोयल के भतीजे हैं।