किस राज्य ने की थी शुरुआत (Home Guard History)
सबसे पहले होमगार्ड की शुरुआत बॉम्बे प्रांत ने की थी। बॉम्बे प्रांत में नागरिक अशांति और सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने में पुलिस की सहायता के लिए एक स्वैच्छिक बल के रूप में होमगार्ड की स्थापना की गई थी। धीरे-धीरे इस मॉडल को अन्य राज्यों ने भी अपनाया।
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चीन से जुड़ा है इतिहास
भारत में होमगार्ड की स्थापना आजादी के पहले 6 दिसंबर 1946 में बॉम्बे प्रांत में हुई थी। लेकिन 1962 के भारत चीन युद्ध के बाद, 6 दिसंबर 1962 को इसका पुर्नगठन किया गया। दरअसल, भारत-चीन युद्ध के समय पुलिस को मददगारों की जरूरत पड़ी तब जाकर होमगार्ड का पुर्नगठन किया गया। ऐसे में हर साल 6 दिसंबर को पूरे भारत में होमगार्ड के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। हालांकि, साल 1992 में इसी दिन (6 दिसंबर) को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया, जिसके कारण पूरे देश का माहौल खराब हो गया। ऐसे में होमगार्ड के स्थापना दिवस का आयोजन धीमा पड़ गया। लेकिन मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने होमगार्ड महकमे में सुधार की पहल की। इस विभाग को पहली बार उसका खुद का झंडा दिया गया।
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दो तरह के होते हैं होमगार्ड (Types Of Home Guard)
होमगार्ड दो प्रकार के होते हैं – ग्रामीण और शहरी। ग्रामीण होमगार्ड गांव में पुलिस बल को सहायता प्रदान करने का काम करते हैं। वहीं शहरी होमगार्ड शहरी क्षेत्र में पुलिस बल को सहायता प्रदान करने का काम करते हैं। देश में होमगार्ड की कुल संख्या 5,73,793 है, जिसके विरूद्ध बढ़ाई गई संख्या 433803 है। यह संगठन केरल को छोड़कर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में फैला हुआ है।
इस विभाग के अधीन होती है होमगार्ड की भर्ती
होम गार्डों की नियुक्ति होम गार्ड अधिनियम और राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के नियमों के अंतर्गत की जाती है। उन्हें समाज के सभी वर्गों से भर्ती किया जाता है, जो समुदाय की बेहतरी के लिए संगठन को अपना खाली समय देते हैं। होम गार्डों को दी जाने वाली सुविधाओं में निःशुल्क वर्दी, ड्यूटी भत्ते और वीरता, विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए पुरस्कार शामिल हैं।