यूट्यूब और आनलाइन क्लासेज कभी कभार शंकाओं के समाधान के लिए देख लेते थे। लेकिन कभी कोचिंग जाना नहीं पड़ा। अपनी मेहनत पर विश्वास रखा। परीक्षा के तीन महीने के समय तो सोशल मीडिया व बड़े फोन से भी दूरी बना ली थी। केवल की पेड फोन का उपयोग करते थे।
बचपन से ही पढाई में अव्वल रहने वाले आदित्य ने 12वीं में साइंस में हरियाणा का झज्जर जिला टॉप किया था। इसके बाद एनआईटी इलाहबाद में एडमिशन ले लिया और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन पूरा किया। वे अब तक अनेक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे। अनेक नौकरियां छोड़ चुके।
मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करके भी UPSC किया क्लियर, 176वीं रैंक के साथ IAS बन गई Rekha Siyak
दो दशक पहले चले गए हरियाणा
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में नौवीं रैंक प्राप्त करने वाले आदित्य विक्रम अग्रवाल के पिता रामावतार अग्रवाल बहादुरगढ़ रहते हैं। वे एक इंटरनेशनल टाइल कंपनी में परचेज मैनेजर थे। करीब तीन दशक पहले जब उन्हें नौकरी मिली तो परिवार के साथ बिजौली गांव से हरियाणा के बहादुरगढ़ ही चले गए। हालांकि महीने में एक—दो बार आना—जाना हो जाता है। लेकिन परिवार पूरी तरह से हरियाणा के बहादुरगढ़ में ही रहता है।
आदित्य विक्रम अग्रवाल की सफलता पर ना केवल बिजौली गांव में, बल्कि चिड़ावा कस्बे में भी खुशी है। चिड़ावा कस्बे में आदित्य विक्रम अग्रवाल का ननिहाल है। उनके एक मामा महेंद्र गोयल का परिवार चौहानों की ढाणी में और दो मामा अनिल गोयल व रमेश गोयल का परिवार चिड़ावा की शिव कॉलोनी में रहता है। उसके एक मामा मुकेश सूरत में रहते हैं। आदित्य के टॉप टेन में आने की खबर लगते ही ननिहाल में मिठाई बांट कर ख़ुशी मनाई गई।
नौकरियां छोड़ते रहे, टारगेट था आईएएस बनना
एक नामी कंपनी में सीनियर मैनेजर भी बन गए। नौकरी लग गई। लाखों में पैकेज मिल गया। इसके बाद आदित्य विक्रम अग्रवाल ने बैंक में पीओ के लिए परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में सफल भी हो गए। पीएनबी बैंक में भी नौकरी भी मिल गई। लेकिन ज्वाइन नहीं की।
इसी दौरान उन्होंने आरबीआई में बी क्लास अधिकारी के लिए परीक्षा दी। वहां पर भी इंटरव्यू तक पहुंच गए। लेकिन वहां पर भी इंटरव्यू नहीं किया और बीच में ही छोड़ दिया। करीब महीनेभर पहले आदित्य विक्रम अग्रवाल ने केंद्रीय सचिवालय में एएसओ की परीक्षा भी पास कर ली। बस ज्वाइन ही करना था। लेकिन मंगलवार को आईएएस का परिणाम आया और आदित्य विक्रम अग्रवाल का सपना पूरा हो गया। बहन प्रियंका भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।