नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, एनआरआइ कोटा में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को अब अपने एनआरआइ होने के प्रमाण विदेश मंत्रालय के भारतीय मिशन से सत्यापित करवाने होंगे। संबंधित देश में भारतीय मिशन के विद्यार्थी के एनआरआइ, एनआरआइ के पुत्र/पुत्री, एनआरआइ के संरक्षण में होने के दस्तावेजों के सत्यापन के पश्चात ही विद्यार्थी एनआरआइ कोटा के तहत एमबीबीएस सीट पर प्रवेश का पात्र होगा। यदि एनआरआइ श्रेणी से संबंधित दस्तावेज जाली पाए जाते हैं तो न केवल विद्यार्थी बल्कि प्रवेश देने वाले मेडिकल संस्थान पर भी कार्रवाई की जाएगी। जांच में जाली व अपूर्ण दस्तावेज मिलने पर विद्यार्थी को आवंटित की गई एमबीबीएस सीट भी रद्द कर दी जाएगी।