ब्लॉक स्तर पर सरकारी स्कूलों की भवनों की मॉनिटरिंग के लिए दो जेईएन नियुक्त हैं, लेकिन स्कूलों में संस्था प्रधान और अभियंताओं के बीच तालमेल की कमी के कारण भवनों की मॉनिटरिंग नहीं की जाती। संस्था प्रधानों की ओर से भवनों की जांच के लिए इन अभियंताओं को नहीं बुलाया जाता। न भवनों में जर्जर स्थानों को चिन्हित किया जाता है। ऐसे में बच्चों को इन्हीं जर्जर भवनों में बैठा दिया जाता है, जहां हादसे का शिकार हो जाते हैं।