हैरानी की बात ये है कि मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्य हर साल सेट परीक्षा करवाते हैं। वहां के युवा सालाना अवसर पाते हैं, कॉलेज व्यायाता बनते हैं और भविष्य बनाते हैं। लेकिन राजस्थान में? यहां अन्य राज्यों से पास सेट भी मान्य नहीं। 2002 के बाद लोक सेवा आयोग ने साफ नियम बना दिया कि दूसरे राज्यों से सेट पास करने वाले अभ्यर्थी राजस्थान में पात्र नहीं माने जाएंगे। ऐसे में राज्य के बेरोजगारों पर दोहरी मार पड़ रही है न अपनी सेट, न बाहर की मान्य।