कितने अभ्यर्थियों को बुलाया गया?
पशुपरिचर भर्ती के तहत कुल 6433 पदों पर भर्तियां होनी हैं। लेकिन RSMSSB ने प्रारंभिक मेरिट लिस्ट में 63 गुना अभ्यर्थियों यानि 406826 उम्मीदवारों को शामिल किया था। अब दस्तावेज सत्यापन के लिए बोर्ड ने एक नया निर्णय लिया है। इसके अनुसार, सिर्फ 1.25 गुना अभ्यर्थियों यानि करीब 8000 उम्मीदवारों को ही आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
इसका मतलब है कि प्रारंभिक मेरिट में शामिल लगभग चार लाख से अधिक उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया है और केवल 8000 अभ्यर्थियों को ही स्क्रूटनी फॉर्म भरने और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई है।
स्क्रूटनी फॉर्म भरने की प्रक्रिया
चयनित अभ्यर्थियों को 12 अप्रैल 2025 से 18 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। यह फॉर्म राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल पर (sso.rajasthan.gov.in) उपलब्ध रहेगा। इस फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरना अनिवार्य होगा, क्योंकि यही डाटा आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय काम आएगा।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कब और कहां होगा?
ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद अगला चरण डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन का है। यह प्रक्रिया 21 अप्रैल 2025 से 15 मई 2025 तक चलेगी। सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने डाक्यूमेंट्स के साथ जयपुर में उपस्थित होना होगा। इसका का स्थान पशुधन परिसर, गांधी नगर मोड़, टोंक रोड, जयपुर रखा गया है।
भर्ती में कितने लोगों ने आवेदन किया था?
इस भर्ती के लिए 17.63 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 10.5 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। परिणाम के अनुसार, 406826 अभ्यर्थियों को मेरिट में शामिल किया गया था, जिनमें 383196 नॉन-टीएसपी क्षेत्र से और 23630 टीएसपी क्षेत्र से थे।
नॉर्मलाइजेशन को लेकर विवाद
इस भर्ती में सबसे बड़ा विवाद नॉर्मलाइजेशन को लेकर है। परीक्षा 1 से 3 दिसंबर 2024 के बीच छह शिफ्टों में आयोजित की गई थी। हर शिफ्ट में प्रश्न पत्र का स्तर थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए सबको बराबरी का मौका देने के लिए नॉर्मलाइजेशन लागू किया गया। लेकिन इसी प्रक्रिया को लेकर हजारों अभ्यर्थी नाराज हैं।
उनका कहना है कि कुछ शिफ्ट के अभ्यर्थियों के नंबर 10 से 20 अंक तक घटा दिए गए, जबकि कुछ शिफ्ट के अभ्यर्थियों के नंबर 20 से 25 अंक तक बढ़ा दिए गए। इससे कई होनहार अभ्यर्थी मेरिट से बाहर हो गए जबकि कम अंक लाने वाले उम्मीदवार ऊपर आ गए।
सोशल मीडिया पर दिखी नाराजगी
इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ता जा रहा है। कई अभ्यर्थियों और संगठनों ने अपनी बात X (पूर्व में ट्विटर) और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर रखी है।
हनुमान किसान (राजस्थान बेरोजगार यूनियन अध्यक्ष) – “नॉर्मलाइजेशन से 6वीं पारी वालों को फायदा मिला है। ये प्रक्रिया बहुत दर्दनाक है, इसका स्थायी समाधान जरूरी है।” बसराम मीणा – “मेरे नंबर -10 कर दिए गए, क्या गलती थी मेरी? 6वीं पारी वालों के नंबर +25 कर दिए!”