सूत्रों के अनुसार प्रदेश के केवल 99 कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति प्राचार्य लगाए हैं, शेष स्थानों पर पूरा कॉलेज गेस्ट फैकल्टी में लगे सहायक आचार्यों के भरोसे संचालित हैं। उन्हें मानदेय भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। ये सहायक आचार्य विद्यार्थियों के हित तथा राजसेस कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए अपना फर्ज बखूबी निभा रहे हैं, सरकार व विभाग का इनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं है।