दूरस्थ शिक्षा से कंप्यूटर डिग्री हासिल करने वाले 277 लिपिकों की नौकरी खतरे में है। राज्य सरकार ने प्रदेश की सभी जिला परिषदों से कई बिंदुओं पर इनकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह पूछा है कि अब तक इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की? पंचायती राज विभाग के उपायुक्त इंद्रजीत सिंह ने राज्य के सभी जिला परिषदों के सीईओ को पत्र जारी कर निर्धारित फॉर्मेट में पूछा है कि उनके जिले में ऐसे कितने लिपिक कार्यरत हैं, जिनकी ओर से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कंप्यूटर प्रमाण पत्र हासिल कर नौकरी ली गई है।