मल्टीटास्किंग
एक समय में कई तरह की चीजें करने की कोशिश बेशक एक अच्छी आदत है। लेकिन एक छात्र के लिए ये काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। ये आदत आपको पीछे कर सकती है। जैसे- कई बार कैंडिडेट्स मॉडल पेपर को सॉल्व करने के साथ म्यूजिक सुनते रहते हैं। या फिर टीवी देखते हुए पेपर सॉल्व करते हैं। ऐसा करने से बचें। ये आदत एकाग्रता को खत्म करती है।
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बिना प्लान के स्टडी करना
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में प्लान की अहम भूमिका है। तैयारी किस दिशा में चल रही है। यह भी समझना जरूरी है। कई बार कैंडिडेट्स बिना प्लान के सिर्फ स्टडी करते जाते हैं, लेकिन एनालिसिस नहीं करते। इस बात पर गौर करें।
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दिमाग में 10 तरह की बातें चलना
कोशिश करें कि दिमाग भ्रमित न हो। प्लान कितना भी दमदार क्यों न हो, अगर दिमाग में दस तरह की बातें चल रही हों, तो सक्सेस की संभावना घटती है। ऐसे में एक छात्र के लिए बेहद जरूरी है कि वे अपने दिमाग को एकाग्र रखे।
खुद का रिव्यू जरूरी
स्टडी कर रहे हैं, तो खुद का रिव्यू भी जरूरी है ताकि आप यह समझ सकें कि आप अपनी सफलता से कितनी दूर हैं। सेल्फ रिव्यू से आप अपनी खूबियों और खामियों से रूबरू होते हैं। खामियां दूर करने की कोशिश करें।