बीते कुछ वर्षों तक सिद्धलिंगपुर, बसिरुगुप्पे, अलीलुगुप्पे और रंगायनपुर क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा के लिए इसी स्कूल पर निर्भर थे। हालांकि, ज्यादातर अभिभावक अंग्रेजी माध्यम को प्राथमिकता देने लगे हैं। चालू शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 7, 6 और 4 में एक-एक छात्र और कक्षा 5 में दो छात्र थे। इनमें से दो आवासीय विद्यालयों में चले गए और नामांकन में भारी गिरावट आई।