प्रधानाचार्य रामेश्वर नागर ने बताया कि विद्यालय में कक्षाओं कक्ष की कमी के चलते पिछले सत्र से तीन जगह कक्षाओं को संचालित करना पड रहा है। विद्यालय में 225 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय मुख्य भवन में मात्र 2 कक्षा कक्ष ही है। जिनमें तीन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, इनकी छत भी बारिश के पानी से टिपकती है। बारिश के समय छत से पानी रिसने से पढ़ाई बाधित होती है। दूसरे जगह पशु चिकित्सालय भवन परिसर में कक्षा 1 से 5 तक संचालित होती है। वहीं आंगनबाड़ी केन्द्र भवन में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी तीन कक्षाओं को संचालित किया जा रहा है। तीन जगह अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएँ लगने से केवल पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है, बल्कि छात्रों और शिक्षकों दोनों को ही परेशानी हो रही है। एक ही समय में अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएँ लगने से छात्रों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में समय बर्बाद होता है, और शिक्षकों को भी अलग-अलग कक्षाओं में जाकर पढ़ाना पड़ता है। यह स्थिति छात्रों के सीखने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है, क्योंकि वे एक ही स्थान पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।